Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

ओलावृष्टि से फल और फूलों को हुआ नुकसान

1001600623

नई टिहरी(आरएनएस)। मौसम ने फिर करवट ली है। शनिवार के बाद रविवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश फसलों के लिए अच्छी मानी जा रही है। हालांकि भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से फसलों के साथ ही फलों के लिए भी नुकसानदायक साबित हुई है। लगातार हो रही बारिश से वन विभाग ने राहत की सांस ली है। रविवार को भिलंगना ब्लॉक के बालगंगा क्षेत्र के बासर,केमर,आरगढ़, गोनगढ़, बूढ़ाकेदार पट्टियों के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि से फल, फूलों और सब्जियों को भारी नुक़सान पहुंचा है। आड़ू, खुमानी, माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी आदि के पेड़ों पर लगे फूल पूरी तरह ओलावृष्टि की चपेट में आ गए हैं। वहीं मटर, गेंहू, सरसों सहित तमाम अनाजों को भी ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। मांदारा गांव के पूर्व प्रधान मोहन लाल भट्ट,डॉ.नरेश बसलियाल, गिरीश नौटियाल, दिनेश लाल, धनपाल नेगी, हिम्मत सिंह आदि ने सरकार से किसानों को उचित मुआवजे की मांग की है। शनिवार के बाद रविवार को भी नई टिहरी, बौराड़ी, प्रतापनगर, लंबगांव, चंबा,आगरखाल,थत्यूड़, नैनबाग,जाखणीधार, कंडीसौड़ क्षेत्र में झमाझम बारिश से ठंडक वापस लौट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र रानीचौरी के तकनीकी अधिकारी प्रकाश सिंह नेगी ने बताया कि बारिश गेहूं,जौ,मटर,सरसों के लिए काफी लाभदायक है। हालांकि ओलावृष्टि फल-फूलों के लिए नुकसानदायक है। ऐसे में किसानों को फलों के पौधों की सुरक्षा करनी जरूरी है।