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फर्जी जाति प्रमाण पत्र 48 साल बाद हुआ निरस्त

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रुद्रपुर(आरएनएस)। फर्जी अभिलेखों के आधार पर ठाकुद्वारा के एक व्यक्ति ने काशीपुर तहसील में जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया। 48 साल बाद तहसील प्रशासन ने उसका प्रमाणपत्र निरस्त किया है। आरोपी के खिलाफ लेखपाल ने केस दर्ज कराया है। थाना ठाकुरद्वारा के ग्राम फरीदनगर निवासी विजय पाल सिंह को वर्ष 1976 में तहसीलदार काशीपुर द्वारा खटीक अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया था। यह प्रमाण पत्र 03 अगस्त 1976 को जारी हुआ। 20 सितंबर 1976 को उप जिलाधिकारी ने भी इसे प्रमाणित कर दिया था। बबिता कुमारी नामक महिला ने उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर कर विजय के प्रमाण पत्र को चुनौती दी। हाइकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी उधमसिंह नगर की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय स्कूटनी कमेटी ने प्रमाण पत्र की जांच की। जांच में प्रमाण पत्र को गलत तथ्यों पर आधारित पाते हुए 06 अक्तूबर 2023 को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद विजय पाल सिंह द्वारा की गई अपील को भी राज्य स्तरीय कास्ट स्कूटनी कमेटी ने 24 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया। तहसीलदार काशीपुर द्वारा संबंधित राजस्व उप निरीक्षक को कानूनी कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। राजस्व उप निरीक्षक आशीष चौहान ने कोतवाली काशीपुर में आरोपी विजयपाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।