अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल की जिला इकाई अल्मोड़ा की ओर से रविवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के द्वारसों में बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान संगठन की नीतियों और राज्य से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी ने कहा कि जब उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण में स्थायी रूप से स्थापित होगी, तभी नेता, मंत्री और प्रशासन को पहाड़ चढ़कर आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी पहाड़ में होने से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर अपने आप गंभीरता बढ़ेगी और समाधान की दिशा में ठोस काम होगा। उन्होंने राजधानी को पहाड़ में बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष दीपा जोशी ने उत्तराखंड में महिलाओं के साथ बढ़ते अत्याचार और शोषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं अपने ही प्रदेश में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, जो चिंता का विषय है। युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रघुवर सिंह ने प्रदेश में बढ़ते पलायन और बेरोजगारी पर बात रखी। उन्होंने कहा कि नीति स्तर पर सही दिशा न होने के कारण युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। केंद्रीय संगठन मंत्री (युवा प्रकोष्ठ) नरेंद्र बिष्ट ने भी पलायन को प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि जब पढ़ा-लिखा युवा रोजगार के लिए प्रदेश छोड़ रहा है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि किसी भी राज्य के विकास में युवा सबसे मजबूत कड़ी होते हैं। बैठक में कई लोगों ने उत्तराखंड क्रांति दल की सदस्यता भी ग्रहण की। सदस्यता लेने वालों में पुष्कर सिंह बिष्ट, गणेश बिष्ट, चंदन सिंह, हिमांशु राणा, अमित बिष्ट, सचिन राणा, मदन बिष्ट, पुष्कर सिंह, ललित बिष्ट, जीवन सिंह और किशन सिंह शामिल रहे।
उत्तराखंड क्रांति दल की बैठक में पलायन और महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल






