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प्रतिभा पहचानकर आगे बढ़ें बच्चे, परिश्रम ही सफलता का मार्ग : प्रो. जगत सिंह बिष्ट

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अल्मोड़ा। राजकीय इंटर कॉलेज नाई में आयोजित द्वितीय वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि प्रोफेसर जगत सिंह बिष्ट ने कहा कि बच्चों को अपनी छिपी प्रतिभा को पहचानकर लगन के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन साधना और तपस्या का समय होता है, जिसमें निरंतर अध्ययन और परिश्रम ही सफलता का आधार बनते हैं। विशिष्ट अतिथि नीरज पंत, अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य और लेखक, ने कहा कि शिक्षा केवल कठिन परिश्रम से ही अर्जित की जा सकती है। उन्होंने अपनी स्वरचित बाल कविताओं और गीतों का वाचन कर बच्चों को प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. पवनेश ठकुराठी ने बताया कि इस वर्ष का वार्षिकोत्सव आपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को समर्पित है। इस अवसर पर विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘मोनाल’ और त्रैमासिक समाचार पत्र ‘नाई न्यूज’ का लोकार्पण किया गया। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, विद्यालय गीत, आपरेशन सिंदूर गीत, विज्ञान नाटक, कुमाउनी लोकनृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में प्रोफेसर जगत सिंह बिष्ट और नीरज पंत को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए ‘प्रधानाचार्य विभूषण सम्मान’ से सम्मानित किया गया। विभिन्न परीक्षाओं और प्रतियोगिताओं के अव्वल छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, पुरस्कार और प्रतिभा सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मल सिंह नयाल, ग्राम प्रधान नाई तारा देवी, ग्राम प्रधान पोखरी भगवत राम, नंदन सिंह नयाल, गणेश चंद्र शर्मा, विनोद कुमार आर्या, अंकित जोशी, अर्पण कुमार साह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।