अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक न्याय न मिलने को लेकर अल्मोड़ा में सर्व समाज की ओर से एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। नगर के एक निजी होटल में हुई इस प्रेस वार्ता में मामले से जुड़े कथित वीआईपी एंगल की निष्पक्ष जांच और सीबीआई से जांच कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य सरकार की नीयत, पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी बन चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कॉल रिकॉर्डिंग जैसे महत्वपूर्ण द्वितीयक साक्ष्य सार्वजनिक चर्चा में हैं, तो उन्हें आधार बनाकर मामले की दोबारा कानूनी समीक्षा क्यों नहीं की जा रही। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का सीबीआई जांच से लगातार बचने का रवैया यह संकेत देता है कि प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उसे केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय सरकार का रवैया असंवेदनशील और अलोकतांत्रिक प्रतीत होता है। प्रेस वार्ता में यह भी घोषणा की गई कि 8 जनवरी को अल्मोड़ा में एक विशाल महा रैली आयोजित की जाएगी। यह रैली गांधी पार्क से शुरू होकर नगर के मुख्य बाजार क्षेत्रों से गुजरते हुए सरकार को यह संदेश देगी कि जनता अब चुप नहीं बैठेगी। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई से निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा और इसे पूरे प्रदेश में और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रेस वार्ता में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी, उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मंत्री गिरीश गोस्वामी, विनय किरोला, अधिवक्ता विनोद चंद्र तिवारी, भूपेंद्र सिंह वल्दिया, सुजीत टम्टा, पान सिंह लटवाल, पुष्कर सिंह, पवन सिंह, भावना जोशी, मंजू पंत, नीमा आर्य, दीपक आर्य आदि उपस्थित रहे।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर महा रैली होगी आयोजित






