अल्मोड़ा। विकास भवन में मंगलवार को क्षतिपूरक वृक्षारोपण भूमि (सीए लैंड) के चिन्हांकन एवं उसकी उपलब्धता को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा ने की। बैठक में जनपद में प्रस्तावित मोटर मार्गों के सापेक्ष क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए आवश्यक भूमि की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में वर्तमान में 62 मोटर मार्गों के लिए लगभग 441 हेक्टेयर क्षतिपूरक वृक्षारोपण भूमि की आवश्यकता है। जिलाधिकारी के पूर्व निर्देशों के क्रम में जनपद की सभी वन पंचायतों का डाटा संकलित किया जा रहा है। इसके लिए तहसील स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि भूमि की पहचान और सत्यापन का कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी उपजिलाधिकारियों और टीम सदस्यों को निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्रों की जियो-टैग फोटो मोबाइल में नोटकैम एप्लिकेशन के माध्यम से ली जाएं। इसके बाद गूगल अर्थ एप्लिकेशन की सहायता से आवश्यक कोऑर्डिनेट्स चिन्हित कर पॉलिगन तैयार किए जाएं और समस्त आवश्यक अभिलेख वन विभाग को उपलब्ध कराए जाएं। कार्य के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर जनपद स्तर पर तैनात जीआईएस विशेषज्ञ से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सर्वेयर वन विभाग द्वारा डीएसएस सॉफ्टवेयर तथा वन भूमि के प्रकारों से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की गई और भूमि की उपयुक्तता को लेकर आवश्यक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि क्षतिपूरक वृक्षारोपण से जुड़ी प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
क्षतिपूरक वृक्षारोपण भूमि के चिन्हांकन को लेकर विकास भवन में समीक्षा बैठक




