Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

वनाग्नि की संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्कता और समन्वय पर जोर


अल्मोड़ा। वनाग्नि की संभावित घटनाओं की रोकथाम और त्वरित नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीष्मकाल के दौरान वनाग्नि की बढ़ती आशंकाओं को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने तथा आग की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को वनाग्नि की रोकथाम के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर वनाग्नि नियंत्रण समिति गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखंडी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ प्रवीन कुमार, जिला विकास अधिकारी एस.के. पंत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, उपजिलाधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा जंगल के दोस्त संस्था के गजेंद्र पाठक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।