अल्मोड़ा। ग्राम विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना हवालबाग के अंतर्गत पंजीकृत उद्यमियों को उद्यम स्थापना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में योजना से जुड़े उद्यमियों और सामुदायिक संगठनों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) विषय पर ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यकता और लाभों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। सत्र में अभिहित अधिकारी अनिल मिश्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से एफएसएसएआई पंजीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि खाद्य पदार्थों के उत्पादन और विक्रय से जुड़े सभी उद्यमियों के लिए यह लाइसेंस अनिवार्य है। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों, पंजीकरण की समयावधि तथा नवीनीकरण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्पाद को बाजार में उतारते समय उस पर एफएसएसएआई संख्या अंकित होना जरूरी है और पंजीकरण एक से पांच वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है, जिसके लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। कार्यक्रम का शुभारंभ इन्क्यूबेशन मैनेजर अरुण अधिकारी ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रसार-प्रशिक्षण केंद्र हवालबाग से देवेंद्र साहू और ग्रामोत्थान से सुनील जोशी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, योजना के लाभार्थी और स्टाफ मौजूद रहे। कुल 55 प्रतिभागियों ने सत्र में भाग लिया, जिनमें 30 प्रतिभागी ऑनलाइन तथा 25 प्रतिभागी ऑफलाइन माध्यम से जुड़े।
उद्यमियों को एफएसएसएआई पंजीकरण की दी गई जानकारी




