Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

अल्मोड़ा की कथक नृत्यांगना डॉ. दीपा जोशी को डी.लिट्. की उपाधि

1001600623


अल्मोड़ा। जिले की प्रख्यात कथक नृत्यांगना डॉ. दीपा जोशी को डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट्.) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है। वह उत्तराखंड की पहली तथा देश की दूसरी महिला कथक नृत्यांगना बन गई हैं, जिन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ है। यह उपाधि उन्हें खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में आयोजित 17वें दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और कुलपति प्रोफेसर लवली शर्मा द्वारा प्रदान की गई। डॉ. दीपा जोशी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुजनों, विशेष रूप से गुरु प्रोफेसर डॉक्टर पूर्णिमा पांडे तथा अपने माता-पिता को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। वह दूरदर्शन की ए-ग्रेड कथक नृत्यांगना भी हैं और देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर एकल प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। डॉ. जोशी की प्रारंभिक कथक शिक्षा अल्मोड़ा से शुरू हुई, जिसके बाद उन्होंने भातखंडे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय लखनऊ, कथक केंद्र लखनऊ और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से उच्च शिक्षा प्राप्त की। कथक की उन्नत शिक्षा के लिए उन्हें संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से छात्रवृत्ति भी मिल चुकी है। नृत्य साधना के साथ-साथ उन्होंने संगीत विषय पर कई महत्वपूर्ण आलेख और पुस्तकें लिखकर शास्त्रीय कला के सैद्धांतिक पक्ष को भी समृद्ध किया है। वर्तमान में डॉ. दीपा जोशी देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संगीत संस्थानों और विश्वविद्यालयों में परीक्षक, चयन समितियों की सदस्य तथा विशेषज्ञ के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन के नैनीताल कार्यालय में कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि से अल्मोड़ा में हर्ष का माहौल है।