Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

वन पंचायत सरपंचों की बैठक में नियमावली संशोधन और अधिकारों को लेकर उठे मुद्दे

1001600623

अल्मोड़ा(आरएनएस)।  जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को अल्मोड़ा जिले की वन पंचायतों के सरपंचों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सरपंचों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु उत्तराखंड पंचायती वन नियमावली 2005 (संशोधित 2024) में किए गए बदलाव, वन पंचायतों की स्वायत्तता, सरपंचों के मानदेय और विभागीय कार्यों में उनकी भूमिका का स्पष्ट निर्धारण रहा। सरपंचों ने कहा कि वन विभाग द्वारा पंचायत क्षेत्रों में किए जाने वाले सभी कार्यों की पूर्व सूचना अनिवार्य रूप से दी जानी चाहिए। उन्होंने वन क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाने, वनाग्नि रोकथाम के लिए प्रत्येक वन पंचायत को बजट उपलब्ध कराने तथा प्रदेश परामर्शदात्री समिति में सरपंचों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि बैठक का उद्देश्य सरपंचों की समस्याओं और सुझावों को समझकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरपंचों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने वन पंचायत क्षेत्रों में अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही। जनपद में कुल 2,089 वन पंचायतें हैं, जिनमें 19 आरक्षित वन क्षेत्रों में तथा शेष सिविल भू–राजस्व क्षेत्रों में गठित हैं। वर्तमान में वन पंचायतों के संरक्षण और प्रबंधन के अधीन कुल 49,648.49 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप कुमार, संतोष कुमार पंत, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र के साथ विभिन्न वन पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।