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दून अस्पताल में आठ घंटे जटिल सर्जरी कर बचाई जान, ये नई जांचें हो गई शुरू

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देहरादून(आरएनएस)।  दून अस्पताल के सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक 40 वर्षीय व्यक्ति की जान बचाई है। प्रोफेसर डॉ. अभय कुमार की टीम ने 42 वर्षीय रामराज की सर्जरी की। मंगलवार को उन्हें आईसीयू से बाहर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। प्रो. डॉ. अभय के मुताबिक उस व्यक्ति की आंत फटने का ऑपरेशन अन्य अस्पताल में हुआ था। बाद में आंतों में ब्लॉकेज हो गया। पेट के नीचे खाना नहीं जाता था, पेट, आंतें, लीवर आपस में चिपक गए थे। जटिल सर्जरी में आठ घंटे का समय लगा। टीम में एसआर डॉ. नैना सेंगर, पीजी चिकित्सक डॉ. रहनुमा मलिक, डॉ. स्वाति, डॉ. गुलशेर, एनेस्थीसिया से डॉ. अतुल कुमार सिंह, डॉ. शोभा एवं डॉ. पूजा शामिल रहे।
खून की उल्टी रोकने को एंडोस्कोपी बैंडिंग:   सर्जरी विभाग की ओर से लिवर फेलियर के मामलों में खून की उल्टियां रोकने के लिए एंडोस्कोपी बैंडिंग शुरू कर दी गई है। निजी अस्पतालों में इसके लिए दस से पंद्रह हजार रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन दून अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत यह मुफ्त हो जाएगा। प्रोफेसर डॉ. अभय मंगलवार को इस प्रक्रिया को करेंगे।

दून अस्पताल में दिमाग की जांच शुरू:
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दिमाग की ईईजी एवं ईईजी ब्रेन मैपिंग जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने इसका शुभारंभ किया। अस्पताल में मस्तिष्क की जांच ईईजी महज 354 रुपये और ईईजी ब्रेन मैपिंग 837 रुपये में होगी। निजी सेंटरों पर ईईजी 1500 से 2000 तक होती है। ईईजी ब्रेन मैपिंग 3500 रुपये में होती है। न्यूरो, साइकेट्री, ईएनटी, मेडिसिन विभाग में आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत मिलेगी। एक निजी एजेंसी द्वारा सीजीएचएस दरों पर यह जांच की जाएगी। दोनों जांच से मिर्गी, एडीएचडी, अवसाद, न्यूरो, चिंता, ऑटिज्म, पीटीएसडी और बहुत सारी बीमारियों के मरीजों को मदद मिलेगी। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए लेवल टू अल्ट्रासाउंड की जल्द सुविधा एवं कलर डॉप्लर और थ्रीडी अल्ट्रासाउंड जल्द शुरू की जाएगी। इस दौरान एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल, डीएमएस डॉ. धनंजय डोभाल, साइकेट्री एचओडी डॉ. जया नवानी, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक यादव, एजेंसी संचालक दलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।