अल्मोड़ा। सोमेश्वर क्षेत्र की तीन वर्षीय बच्ची ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया, जिसके बाद उसे सांस लेने और निगलने में परेशानी होने लगी। परिजन आनन-फानन में बच्ची को मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा लेकर पहुंचे, जहां ईएनटी विभाग में ईसोफैगोस्कोपी प्रक्रिया के जरिए सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्ची की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है और उसे निगरानी में पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में रखा गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार शाम सोमेश्वर निवासी मोहन राम की तीन वर्षीय पुत्री संध्या ने खेलते समय सिक्का निगल लिया था। परेशानी बढ़ने पर परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर ले गए। वहां प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीर मानते हुए बच्ची को उच्च उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा रेफर कर दिया। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर बच्ची के गले का दोबारा एक्स-रे कराया गया। जांच में सामने आया कि सिक्का क्रिकोफैरिनक्स के पास फंसा हुआ है, जिसे छोटे बच्चों के लिए जोखिमपूर्ण स्थिति माना जाता है। इसके बाद इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर को अलर्ट किया गया और प्री-एनेस्थेटिक जांच पूरी कर बच्ची को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया। चिकित्सकों ने बच्ची को बेहोश कर नली डालने के बाद ईसोफैगोस्कोपी के जरिए पूरी सावधानी से सिक्का बाहर निकाल लिया। ट्यूब हटाने के बाद बच्ची की स्थिति संतोषजनक पाई गई। यह प्रक्रिया ईएनटी विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर रोहित नेगी ने की। समय पर उपचार और मेडिकल टीम की सतर्कता से बच्ची को सुरक्षित बचाया जा सका।
मेडिकल कॉलेज: ईएनटी विभाग में ईसोफैगोस्कोपी प्रक्रिया के जरिए तीन साल की बच्ची के गले से सिक्का निकाला






