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धोखाधड़ी, गबन, जालसाजी व धमकी देने के आरोप में कंपनी के पूर्व डायरेक्टर पर केस दर्ज

रुद्रपुर(आरएनएस)।  कंपनी के बैंक अकांउट से चेक का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी, गबन, जालसाजी एवं धमकी देने के आरोप में पुलिस ने कंपनी के पूर्व डायरेक्टर व उसके रिश्तेदारों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मैसर्स इको इंडस्ट्रीज एलएलपी सिडकुल पंतनगर के निदेशक अभय त्रिवेदी पुत्र देवेन्द्र कुमार शर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पूर्व में प्रशांत कालड़ा कंपनी के निदेशक थे। 13 जून 2017 को प्रशांत कालड़ा ने ईमेल से 2.60 करोड़ की नगद बिक्री की रिपोर्ट भेजी थी। जिसमें 2.50 करोड़ रुपये उन्होंने अपने पास रख लिए और कंपनी को मात्र 10 लाख रुपये लौटाए थे। आरोप है कि कंपनी में लगातार वित्तीय अनियमितता और लेन-देन में पारदर्शिता के अभाव के कारण प्रशांत कालड़ा व पुष्पा कालड़ा उर्फ पुष्पा रानी ने 2 मई 2021 को डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया। अभय त्रिवेदी ने डायरेक्टर बनने के बाद प्रशांत कालड़ा से हिसाब मांगा तब वह टालमटोल करता रहा और कंपनी के रुपये देने को इनकार कर दिया। आरोप है कि इस्तीफे के बाद भी कालड़ा ने कंपनी के 157 चेक गुपचुप तरीके से अपने पास रख लिए थे। इसकी सूचना कंपनी ने 10 मार्च 2022 को सिड़कुल पुलिस चौकी पंतनगर को दी थी। गुमशुदा चेकों में चेक संख्या 001226 का दुरुपयोग कर प्रशांत कालड़ा ने अपनी पत्नी आरती कालड़ा और माता पुष्पा कालड़ा उर्फ पुष्पा रानी व ससुर जगदीश तनेजा की मिलीभगत से सुसर जगदीश तनेजा व पत्नी आरती कालड़ा की साझेदारी फर्म ग्लोबल ओवरसीज के खाते में प्रस्तुत किया। 2023 को जगदीश तनेजा ने इस चेक को बैंक में लगाकर बांउस करा लिया। इसके आधार पर उसने एनआई एक्ट की धारा 138 में कोर्ट में केस दायर कर दिया। आरोप है कि जानकारी होने पर अभय त्रिवेदी ने इसे षड़यंत्र बता कर आपत्ति जताई। इस पर प्रशांत कालड़ा उनकी पत्नी, माता व ससुर ने उनसे एक करोड़ रुपये की अवैध मांग की। मना करने पर मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मारपीट की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।