अल्मोड़ा। जनपद में चारा विकास और चारे की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन तथा इंटरनेशनल क्रॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर एरिड ट्रॉपिक्स की टीम के साथ पशुपालन, कृषि, वन, डेयरी, उद्यान और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में बताया गया कि अल्मोड़ा में चारा विकास, चारा स्थिरता और पर्यावरण पर इसके प्रभाव के अध्ययन के लिए पंचवर्षीय परियोजना प्रस्तावित की जा रही है। इस परियोजना का नोडल विभाग पशुपालन विभाग रहेगा, जबकि अन्य विभाग सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे। परियोजना का संचालन मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में किया जाएगा। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों और पहाड़ी क्षेत्रों में चारा उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों के बारे में टीम को जानकारी दी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल ने पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक के बाद एफएओ और आईसीआरआईसैट की टीम को भैंसवाड़ा चारा प्रक्षेत्र तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का स्थलीय भ्रमण भी कराया गया, ताकि जनपद में चारा विकास की वर्तमान स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जा सके। बैठक में कृष्णन पुल्लासन्ना, एड्रियन बर्शंस, माया नायर, डॉ. एस. नेदुमरन, डॉ. इसरार माजिद और डॉ. निरंजन पधान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद में चारा विकास को लेकर बैठक, पंचवर्षीय परियोजना पर चर्चा




