अल्मोड़ा। पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। सरकार के लाख दावे के बाद भी लोगों को अपनी जान गवानी पड़ रही है। यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक प्रसूता की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अधिक रक्तस्राव होने से प्रसव के आठ दिन बाद उसकी मौत हो गई। उसका पति खून के इंतजाम में ही एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाता रहा। फिर भी उसकी पत्नी की जान नही बच सकी। कपकोट निवासी सीता देवी (35) गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा पर सीता को स्थानीय डॉक्टरों ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने जटिल केस बताते हुए सीजेरियन प्रसव की बात कही। 20 अक्तूबर को सीता का ऑपरेशन से प्रसव हुआ। सीता ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उनकी खुद की हालत बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक न होने के कारण ऑपरेशन के दौरान भुवन को खून के लिए जिला अस्पताल के कई चक्कर लगाने पड़े। 28 अक्तूबर की रात सीता ने दम तोड़ दिया। प्राचार्य डॉ.सीपी भैसोड़ा ने बताया कि प्रसूता की हालत बेहद नाजुक थी।
अल्मोड़ा: स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल, रक्त के अभाव में प्रसूता ने तोड़ा दम





