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गुलदार की आवाजाही पर वन विभाग हुआ सतर्क, प्रभावित गांवों में गश्त के साथ चलाया जागरूकता अभियान

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अल्मोड़ा। गुलदार की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने अल्मोड़ा वन क्षेत्र के झिझाड़, तल्ला किरड़ा, पतनियानैल, भैसोड़ी समेत अन्य गांवों में ग्रामीणों को मानव-वन्यजीव संघर्ष के न्यूनीकरण और बचाव के लिए जागरूक किया। विभागीय टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर सतर्कता बरतने की सलाह दी और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। वन क्षेत्राधिकारी अल्मोड़ा और टीम ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित ‘प्रशासन गांव की ओर’ शिविर में भी प्रतिभाग किया। इसके साथ ही गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में रात के समय गश्त तेज की गई। गुलदार की आवाजाही की सूचना पर राजस्व पुलिस और भूलेख प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा परिसर में भी रात्रि गश्त की गई। वन विभाग की ओर से वन्यजीव की गतिविधि जानने के लिए लगाए गए कैमरा ट्रैपों की जांच की गई। टीम ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया और ‘क्या करें, क्या न करें’ से संबंधित पोस्टर भी चस्पा किए। बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए झिझाड़ क्षेत्र में अतिरिक्त कैमरा ट्रैप लगाया गया है। विभागीय टीम ने रानीधारा सीमेंट कोठी, भैसोड़ी, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, मल्ला जोशी खोला और मटेला में लगाए गए पिंजरों की भी जांच की। वन विभाग के अनुसार फिलहाल इन क्षेत्रों में गुलदार की कोई ताजा गतिविधि दर्ज नहीं हुई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घर, रास्तों और आंगन में पर्याप्त रोशनी रखें और आसपास की झाड़ियां, ऊंची घास तथा खंडहरनुमा स्थानों की सफाई करते रहें। बच्चों को रात में अकेले बाहर न भेजने और सुबह-शाम व रात के समय समूह में निकलने की सलाह भी दी गई है। विभाग ने कहा कि यदि गुलदार दिखाई दे तो शांत रहते हुए धीरे-धीरे पीछे हटें और फोटो या वीडियो बनाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।

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