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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

देहरादून(आरएनएस)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। देहरादून के मैक्स अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई।

भुवन चंद्र खंडूड़ी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। वह अपनी अनुशासित कार्यशैली और कड़क छवि के लिए जाने जाते थे। उत्तराखंड में वह दो बार मुख्यमंत्री रहे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना की कोर ऑफ इंजीनियर्स में सेवाएं दीं। वर्ष 1982 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।

पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी ने भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद जनसेवा में ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि देश और उत्तराखंड के विकास तथा जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जीवन तक खंडूड़ी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए उनका समर्पण मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में स्पष्ट दिखाई दिया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि उत्तराखंड के विकास, सुशासन और सैनिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में भुवन चंद्र खंडूड़ी का योगदान सदैव याद किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खंडूड़ी ने सेना में रहते हुए राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया।