Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

पढ़ाई के साथ जल स्रोतों का संरक्षण करेंगे छात्र

Spread the love

चमोली(आरएनएस)। सूखते जल स्रोतों के कारण बढ़ते जल संकट के समाधान के लिए जाड़ी संस्थान द्वारा उत्तराखंड में एक विद्यालय एक जल स्रोत कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विद्यालय को जल स्रोत गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गोद लिए जल स्रोत की छात्र छात्राओं के द्वारा मासिक सफाई के साथ जल स्रोत के कैचमेंट क्षेत्र में अपने अपने जन्मदिन के निमित्त जल कुंड, कच्चे तालाब बनाए जायेंगे। जिससे वर्षा का पानी का संचय हो सके, वन्य जीवों को जंगल में ही प्यास बुझाने एवं वन अग्नि को कम किया जा सके साथ ही बच्चे पढ़ते समय से ही जल के महत्व को समझें। राजकीय इंटर कॉलेज कुनीगाड़ के प्रधानाचार्य हरि प्रसाद थपलियाल ने बताया की एक विद्यालय एक जल स्रोत पहल शुरू की है। कॉलेज ने एक जल स्रोत गोद लिया है, छात्र छात्राओं से जब इस संदर्भ में बात की गई तो उन्होंने बड़े उत्साह के साथ इसे स्वीकारा और अपने परिजनों को भी अभियान से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्र पुस्तकों के साथ साथ जमीन मे भी जल चक्र के बारे में समझेंगे। कल के लिए जल‌ अभियान के प्रणेता एवं राज्य जल ब्रांड एंबेसडर द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने कहा की एक विद्यालय एक जल स्रोत कार्यक्रम धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। राइंका चमोली(आरएनएस)।   जनपद का पहला कालेज है, जहां जल संकट से निपटने के लिए यह मुहिम चलाई जा रही है।