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सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में जिओ-इन्फॉर्मेशन के नए रुझान और चुनौतियों पर व्याख्यानमाला आयोजित

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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग विभाग द्वारा ‘इमर्जिंग ट्रेंड्स एंड चैलेंजेज इन जिओ-इन्फॉर्मेशन’ विषय पर एक दिवसीय अतिथि व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञ के रूप में आईआईटी खड़गपुर से आए प्रो. मुकुंद बेहरा ने जिओ-इन्फॉर्मेशन तकनीक के बहुआयामी उपयोगों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज के दौर में रिमोट सेंसिंग की मांग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है। चाहे मौसम हो, पर्यावरण, चिकित्सा, विज्ञान या भूगोल हर क्षेत्र में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। प्रो. बेहरा ने अपने व्याख्यान में ड्रोन तकनीक, रिमोट सेंसिंग, लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग, सिंथेटिक अपर्चर रेडार, थर्मल रिमोट सेंसिंग, गैस एमिशन मॉनिटरिंग, वेक्टर डेटा एनालिसिस, जिओ स्टैटिस्टिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, और जीपीएस जैसी तकनीकों को उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया। उन्होंने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। विशिष्ट अतिथि प्रो. जीवन सिंह रावत, सलाहकार एवं विज़िटिंग प्रोफेसर, एनआरडीएमएस केंद्र, ने ई-गवर्नेंस में जीआईएस की भूमिका और संस्थान की उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रो. बेहरा जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से छात्रों को लाभ मिलेगा और इससे उनका भविष्य और भी उज्ज्वल होगा। कार्यक्रम के संयोजक एवं जीआईएस निदेशक डॉ. दीपक ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और संचालन बंटी राणा एवं अडलिना रॉय ने किया। इस अवसर पर डॉ. अरविंद यादव, डॉ. हिमानी बिष्ट, डॉ. सरिता पालनी, डॉ. नरेश पंत, डॉ. पूरन जोशी, निशा टम्टा, मनोज, नंदन जड़ौत, डॉ. ललित जोशी सहित जीआईएस एवं भूगोल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।