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चार दिन में दो बेटियों की असमय मौत से गमगीन हुआ धौलछीना

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अल्मोड़ा। चार दिन के भीतर दो युवतियों की असमय और एक जैसी मौत ने धौलछीना क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक ही परिवार की दो बेटियों के यूं अचानक चले जाने से घर में मातम पसरा है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। धौलछीना निवासी महेंद्र सिंह मेहरा की 19 वर्षीय पुत्री दीक्षा मेहरा की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, दीक्षा शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे बाजार से सामान लेकर घर लौटी थी। खाना खाने के बाद उसने सीने में दर्द की शिकायत की और अपने कमरे में आराम करने चली गई। कुछ ही देर में उसकी तबीयत और बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दीक्षा मेहरा एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और इन दिनों छुट्टियों में घर आई हुई थी। वह परिवार की सबसे बड़ी संतान थी। पिता महेंद्र सिंह मेहरा धौलछीना बाजार में दुकान और होटल का संचालन करते हैं। इस दुखद घटना से महज चार दिन पहले, मंगलवार को दीक्षा की रिश्ते की बुआ कमला की भी असमय मृत्यु हो गई थी। बताया गया कि नहाते समय उसे अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कमला की चिता की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि परिवार एक और गहरे आघात से टूट गया। दीक्षा की मृत्यु के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। व्यापार मंडल ने शोक प्रकट करते हुए शनिवार सुबह दुकानों को बंद रखा। शेराघाट के सरयू तट पर गमगीन वातावरण में दीक्षा का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे, लेकिन किसी के पास दुःख बयां करने के लिए शब्द नहीं थे।