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आगजनी के पीड़ित को वन विभाग की रोक से नहीं मिली छत

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हरिद्वार(आरएनएस)।  लालढांग क्षेत्र के दासोवाला में 11 जून 2024 को आगजनी की घटना में करीब दो दर्जन से ज्यादा परिवारों के कच्चे पूस के घर और पशुशाला जलकर खाक हो गए थे। इन परिवारों को आज तक छत नहीं मिल सकी है, क्योंकि वन विभाग ने वन क्षेत्र में निर्माण करने की अनुमति नहीं दी है। इन परिवारों के पास अपनी जमीन नहीं है और वे वन विभाग की भूमि पर निवासरत हैं। करीब 40-50 वर्षों से ये परिवार इस दासोवाला वन क्षेत्र में मिट्टी की दीवारों वाले पूस के कच्चे घर बनाकर जीवन यापन करते आ रहे हैं। आगजनी की घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद की, जिसमें खाद्य सामग्री, तिरपाल और छत बनाने के लिए सीमेंट की चद्दरें भी उपलब्ध कराई गईं। लेकिन वन विभाग की रोक के कारण पीड़ित परिवार सीमेंट की चद्दरों से छत नहीं बना पाए हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वन विभाग उन्हें ग्रामीण आबादी के पास बसाने का दबाव बना रहा है, लेकिन वे अन्य स्थान पर जाना नहीं चाहते हैं। वन क्षेत्राधिकारी हरीश गैरोला ने बताया कि दासोवाला में आगजनी के पीड़ित परिवारों को गांव के पास बसाने की जिला प्रशासन के साथ मिलकर पहल की गई थी, लेकिन पीड़ित परिवार वहां से अन्य स्थान पर नहीं जाना चाहते। रिजर्व फॉरेस्ट की भूमि पर निर्माण करने की अनुमति नहीं है।