Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

बस्तियों को बचाने के लिए नगर निगम में प्रदर्शन

Spread the love

देहरादून(आरएनएस)।  बस्ती बचाओ आंदोलन के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने नगर निगम में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि एलिवेटेड रोड के नाम पर बस्ती के लोगों को बेदखल करने की तैयारी चल रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेताया कि जब तक बस्ती के लोगों को पुनर्वास और बाजार रेट पर मुआवजा नहीं मिलता है, तब तक विरोध जारी रहेगा। गुरुवार को बस्ती बचाओ आंदोलन के जुड़े लोग नगर निगम परिसर पहुंचे। यहां वक्ताओं ने कहा कि सरकार बस्ती वालों के साथ छल कर रही है। चुनाव के समय बस्तियों को नियमित करने का आश्वसन दिया गया, अब बस्तियों को नियमित करने के बजाय उनको उजाड़ने की तैयारी चल रही है।
बस्तियों के मकानों पर लाल निशान लगाकर चिह्नित किया जा रहा है। रिस्पना-बिंदाल पर एलिवेटेड रोड के नाम पर उनको उजाड़ने की तैयारी चल रही है। कहा कि इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा, जब तक बस्तियों के लोगों के पुनर्वास, बाजार रेट पर मुआवजा और रोजगार का इंतेजाम नहीं होता है, तब तक विरोध जारी रहेगा। आक्रोशित लोगों ने बस्तियों को बचाने के लिए मेयर और नगर आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा है। प्रदर्शन करने वालों में बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनन्त आकाश, सीटू के जिला महामंत्री लेखराज, चेतना आंदोलन के राजेन्द्र शाह, मोहम्मद अल्ताफ, नुरैशा अंसारी, संजय भारती, अदनान सिद्दकि, प्रेमा गढ़िया, किरन यादव, सोनू कुमार, नरेन्द्र सिंह, तमरेज, बिंदा मिश्रा, शबनम, सालैहा, सुरेशी, सरोज, माला, हसीन, विप्लव अनन्त आदि शामिल रहे।