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भाव सही नहीं मिलने पर खेतों में खड़ी फूलगोभी पर ट्रैक्टर चलवा रहे किसान

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रुड़की(आरएनएस)। धनौरी क्षेत्र में किसान फूलगोभी के दाम सही नहीं मिलने पर खेतों में ही नष्ट कर रहे हैं। उनका कहना है कि जितनी लागत फसल को उगाने में लगी, मंडी में उतना दाम भी नहीं मिल पा रहा है। इससे हताश किसान खेतों में फूलगोभी के ऊपर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चलाकर नष्ट कर रहे हैं। धनौरी क्षेत्र के किसान बड़ी मात्रा में फूलगोभी की पैदावार करते हैं, लेकिन इन दिनों रेट सही न मिलने से वे हताश हैं। सब्जी मंडी में फूलगोभी दो से तीन रुपये किलो बिक रही है। जिसके चलते किसान खेतों में ही गोभी पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चलवाकर नष्ट करने को मजबूर हैं। सोमवार को किसान रमेश, महेंद्र गिरी, लियाकत, नरेश कश्यप, नूर अली ने अपनी जमीन में लगी फूल गोभी की फसल पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चलवाकर रौंद दिया। उनका कहना है कि फसल में लाखों रुपये की लागत आई थी और उनकी फसल अभी तक दस हजार रुपये की भी नहीं बिक पाई। मुनाफा तो दूर फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते हमें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं जसवावाला में भी एक किसान सुरेंद्र ने भी दस बीघा फूलगोभी की तैयार फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया है।
धनौरी के किसान नरेश कश्यप ने कहा कि उन्होंने 35 बीघे में फूलगोभी लगाई थी जिसकी लागत लगभग एक लाख से ऊपर आई। मंडी में गोभी का उचित दाम नहीं मिलने पर फसल को टैक्टर से नष्ट करना पड़ा।
किसान लियाकत ने कहा कि उन्होंने भी आठ बीघा में फूल गोभी लगाई थी, जिसकी लागत ही लगभग 40 हजार आई थी। विवशता इतनी थी कि एक रुपये प्रति किलो गोभी बेचना पड़ रहा था। लागत तो दूर की बात ढुलाई का भाड़ा तक निकलना मुश्किल रहा हो रहा है। किसान महेंद्र गिरी ने कहा कि उन्होंने बड़ी उम्मीद से बीस बीघे जमीन पर फूलगोभी उगाई थी। उम्मीद थी कि मंडी में अच्छा दाम मिल जाएगा। जब फसल लेकर मंडी गए तो दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचनी पड़ी। उन्होंने कहा कि वाजिब दाम नहीं मिलने पर उन्होंने दस बीघा जमीन में खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया है।