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भोजनमाताओं ने सरकार से 18 हजार न्यूनतम वेतन मांगा

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हल्द्वानी(आरएनएस)। सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील बनाने वाली भोजनमाताओं ने सोमवार को न्यूनतम मानदेय 18 हजार करने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया और बुद्ध पार्क में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद भोजनमाताएं सड़कों पर उतरकर एसडीएम कोर्ट पहुंचीं जहां सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा गया। प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की महामंत्री रजनी जोशी के नेतृत्व में भोजनमाताओं ने सोमवार को बुद्ध पार्क में धरना दिया। महामंत्री ने कहा कि भोजनमाताएं वर्षों से अल्प मानदेय, अतिरिक्त काम के बोझ, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न और प्रशासनिक उपेक्षा की शिकार हैं। भोजनमाताओं से उनके कार्यक्षेत्र से बाहर स्कूल के कमरों व मैदान की सफाई, चौकीदारी, माली और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। कई विद्यालयों में गैस चूल्हा, पानी व मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शीघ्र मांगों पर निर्णय नहीं लेने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। कार्यक्रम के समर्थन में पछास के महासचिव महेश, चंदन, भाकपा माले से कैलाश पांडे, कांग्रेस से हेमंत साहू, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से पुष्पा, मुकेश भंडारी के अलावा चंपा गिनवाल, पुष्पा कुड़ाई, हेमा, उमा, दीपा बिष्ट, हीरा, इंदू रैक्वाल, दीपा उप्रेती, ममता आदि मौजूद रहे।