अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के ब्लड सेंटर की ओर से शनिवार को ‘ट्रांसफ्यूजन प्रैक्टिस एंड गाइडलाइन्स’ विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रक्त आधान से जुड़ी नवीन तकनीकों, मानकों और चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। संस्थान के एमईयू हॉल में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट रहे। उन्होंने रक्त आधान को आधुनिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसके सुरक्षित और वैज्ञानिक उपयोग पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. एच.सी. गडकोटी ने ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों को नवीनतम वैश्विक मानकों से अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश के डॉ. आशीष जैन ने रक्त के तर्कसंगत उपयोग, एम्स नई दिल्ली के डॉ. राहुल चौरसिया ने रक्त आधान की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं, राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के डॉ. आशीष ने रक्त आधान के दौरान होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं के प्रबंधन तथा डॉ. समायरा ने हीमोलिटिक एनीमिया में रक्त आधान की भूमिका पर व्याख्यान दिया। मेडिकल सोशल वेलफेयर अधिकारी हेम बहुगुणा ने स्वैच्छिक रक्तदान के मनोसामाजिक लाभ और भारतीय संस्कृति में दान के महत्व पर जानकारी दी। कार्यक्रम की आयोजन अध्यक्षता डॉ. अंकित कौशिक ने की, जबकि आयोजन सचिव की जिम्मेदारी डॉ. आशीष जैन ने निभाई। कार्यक्रम में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा एमबीबीएस और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन हेम बहुगुणा और डॉ. शालिनी यादव ने संयुक्त रूप से किया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रक्त आधान की नवीन गाइडलाइन पर सीएमई आयोजित



