Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

कथक में हरिद्वार की तीन बच्चियों ने टॉप किया

Spread the love

हरिद्वार(आरएनएस)।   सर्वश्रेष्ठ नृत्यांगन कला केंद्र की तीन शिष्याओं ने कथक की परीक्षा में टॉप किया। गुरु माता इंदु सिंह और गुरु भवानी सिंह ने बताया कि अगस्त में प्रयाग संगीत समिति प्रयागराज द्वारा वर्ष 2024/25 की परीक्षा हरिद्वार के भिन्न भिन्न केंद्रों में करवाई गई। जिसमें कई बच्चों ने प्रतिभाग किया। सर्वश्रेष्ठ नृत्यांगन कला केंद्र की ईशानी खंडेलवाल (3) ने जूनियर वर्ग को कथक नृत्य में प्रथम स्थान, शांभवी गर्ग (9) ने सीनियर वर्ग की कथक नृत्य में प्रथम और नैना रावत (17) ने कथक की प्रभाकर की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी की परीक्षा गुरु ज्ञानेश्वरी ने ली थी।  गुरु भवानी सिंह ने बताया कि चार वर्ष की उम्र से बच्चे कथक नृत्य सीखना शुरू करते हैं। लगातार छह वर्ष में जाकर प्रभाकर की डिग्री मिलती है। जो प्रभाकर उपाधि प्राप्त करता है वह नृत्य सिखा सकता है। बच्चों के अभिभावकों ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही कत्थक नृत्य सिखाना चाहिए। इससे बच्चों में अपनी संस्कृति, नृत्य का ज्ञान बढ़ता है। पढ़ाई के साथ साथ अन्य एक्टिविटी बहुत आवश्यक है। संस्थान की आर्या गुप्ता, गौरिष्ठा मोंगा, वर्णिका तुंबडिया, अनिका चक्रवर्ती, दिग्वि अरोड़ा, राधा वशिष्ठ, अदिति रावत, मौलश्री बंसल, वैभवी नौटियाल, मेहर, न्याधा तायल, गम्या भगत, अन्वीशा काला, तृषा सिंह, शानवी कंसल, काशवी मदान, अत्रिका अग्रवाल, शानवी सिंह, यशविता सरीन, राव्या माटा, नेहा, उन्नति कश्यप, राबिया शर्मा, विलीना, कुहू मित्तल, श्रीजी त्रिपाठी, कनक, अवनी, रिहाना, परधी, नैन, अनन्या, समृद्धि, वेदिका, हर्षिता, दिव्या अरोड़ा, धन्या मिनोचा, शिव्या शर्मा आदि ने भी परीक्षा उत्तीर्ण कर संस्थान और परिजनों का मान बढ़ाया।