अल्मोड़ा। उत्तराखंड भाषा संस्थान की पुस्तक प्रकाशन-अनुदान योजना 2025 के तहत कुमाऊँनी भाषा में तैयार शिवदत्त पांडे की पांडुलिपि ‘जड़ि कंजड़ि’ का चयन किया गया है। इस पांडुलिपि का प्रकाशन उत्तराखंड भाषा संस्थान, देहरादून के सहयोग से किया जाएगा। संस्थान की ओर से 27 सितंबर 2025 को प्रदेश के साहित्यकारों, लेखकों और कवियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त पांडुलिपियों की समीक्षा के लिए विद्वान साहित्यकारों की समिति गठित की गई, जिसने विभिन्न मानकों पर उनका मूल्यांकन किया। इसी प्रक्रिया में शिवदत्त पांडे की कुमाऊँनी निबंध संग्रह ‘जड़ि कंजड़ि’ को प्रकाशन अनुदान के लिए उपयुक्त पाया गया और इसकी संस्तुति की गई। पांडुलिपि के चयन पर जागेश्वर विधायक मोहन सिंह महरा, महेंद्र ठकुराठी, उदय किरोला, डॉ हयात सिंह रावत, डॉ कपिलेश भोज, घनश्याम अनडोला, नारायण पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और साहित्यकारों ने उन्हें बधाई दी है।
अनुदान योजना में शिवदत्त पांडे की कुमाऊँनी पांडुलिपि चयनित


