अल्मोड़ा। सिविल, सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा के प्रभागीय वनाधिकारी ने जनसामान्य को सूचित किया है कि उत्तराखंड शासन की ‘अपणी सरकार’ डिजिटल पहल के तहत वन विभाग की कई सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और सेवाएं पारदर्शी तरीके से तय समय-सीमा में उपलब्ध हो सकेंगी। वन विभाग के अनुसार ऑनलाइन सेवाओं में निजी भूमि पर स्थित पेड़ों के पातन की अनुमति, वन उपज के अभिवहन पास, मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित सहायता, फसल और संपत्ति क्षति का मुआवजा, वृक्षारोपण से जुड़ी अनुमतियां समेत कुल 12 प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि निजी क्षेत्रों में वृक्ष पातन के लिए आवेदन अब केवल ‘अपणी सरकार’ पोर्टल (https://eservices.uk.gov.in) के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन करते समय भूमि स्वामित्व प्रमाण, पहचान पत्र, पेड़ों के फोटो, प्रजाति का विवरण सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा। सत्यापन और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी तय समय-सीमा के भीतर निर्णय जारी करेंगे। विभाग के अनुसार यह समय-सीमा 15 से 60 दिनों के बीच निर्धारित की गई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि चीड़, देवदार, साल और शीशम जैसी संरक्षित प्रजातियों के पातन पर नियमानुसार प्रतिबंध रहेगा। ऐसी प्रजातियों के लिए अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में ही दी जाएगी। विभाग के मुताबिक पातित वृक्षों के प्रतिकार के रूप में दोगुने पौधों का रोपण और प्रतिभूति राशि जमा करना भी अनिवार्य किया गया है। वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करें। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए वन विभाग की हेल्पलाइन 1926 पर संपर्क किया जा सकता है।
‘अपणी सरकार’ पोर्टल से वन विभाग की 12 सेवाएं ऑनलाइन






