Apna Uttarakhand News

अपना उत्तराखंड न्यूज

Advertisement

पैठानी में भालू के आतंक से लोग दहशत में

Spread the love

पौड़ी(आरएनएस)।  जिले के पैठाणी में बीते करीब एक महीने से भालू के हमलों ने ग्रामीणों में दहशत बनी है। भालू अब तक 35 से अधिक मवेशियों को मार चुका है। जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत और भय का माहौल है। सबसे अधिक प्रभावित गांव कुचौली, कुडील, कठयूड़ और सौंठ शामिल हैं। जबकि रीखौली खण्ड के दो अन्य गांवों में भी भालू ने हमले किए हैं। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने इस क्षेत्र में विशेष ऑपरेशन शुरू कर दिया है। भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग ने 17 लोगो की 4 टीमें गठित की गई हैं। इनमें 2 डॉक्टर, 2 ट्रेंकुलाइज स्नाइपर और अनुभवी वन्यजीव विशेषज्ञ भी शामिल हैं। डीएफओ सिविल पौड़ी पवन नेगी की अगुवाई में टीम भालू को पकड़ने में जुट गई है। विभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 1 ड्रोन कैमरा और 10 ट्रैप कैमरे संभावित स्थलों पर लगाए गए हैं। हालांकि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि करीब 600 गोशालाओं की चौकसी करनी पड़ रही है, जिससे काफी दिक्कत हो रही हैं। बीते शनिवार को ही चार अलग-अलग गांवों में टीमों ने जाकर रातभर ग्रामीणों के साथ भालू की गतिविधियों की मॉनिटरिंग की। इस दौरान भालू को पकड़ने के लिए पिंजरे और जाल भी लगाए गए हैं। जिन क्षेत्रों में भालू के सबसे अधिक हमले हुए हैं, वहां गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। इसके अलावा टीम द्वारा कई स्थानों पर मचान भी बनाए गए हैं ताकि निगरानी और ट्रैकिंग की जा सके। डीएफओ पवन नेगी ने कहा कि ट्रैकिंग और मैपिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही ग्रामीणों को इस आतंक से राहत दिलाई जाए। वही क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी अभियान को लेकर जानकारी ले रहे है। डॉ धन सिंह ने कहा है कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर आवश्यक सहयोग किया जा रहा है।