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राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन पर नराकास अल्मोड़ा को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

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अल्मोड़ा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए ‘नराकास प्रोत्साहन सम्मान’ की घोषणा कर दी है। इसके तहत नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) अल्मोड़ा को उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘प्रशंसनीय’ श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। देशभर में संचालित 592 नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों के कार्यों का मूल्यांकन बैठकों, कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं, हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा नराकास सूचना प्रबंधन प्रणाली पर ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर किया गया। वर्ष 2025-26 के लिए कुल 197 नराकासों का चयन सम्मान के लिए हुआ है, जिनमें नराकास अल्मोड़ा भी शामिल है। वर्ष 2013 में गठित नराकास अल्मोड़ा का अध्यक्ष कार्यालय भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में स्थित है। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त इसके अध्यक्ष तथा मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं प्रभारी राजभाषा अधिकारी रेनू सनवाल सदस्य सचिव हैं। नराकास से जुड़े 31 सदस्य कार्यालयों ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित बैठकों, हिंदी प्रशिक्षण, हिंदी पखवाड़ा आयोजन तथा राजभाषा संबंधी गतिविधियों के सफल संचालन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह राष्ट्रीय सम्मान 14 और 15 सितंबर को नवी मुंबई स्थित सिडको प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाएगा। 15 सितंबर को आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. लक्ष्मी कान्त और रेनू सनवाल नराकास अल्मोड़ा की ओर से यह सम्मान ग्रहण करेंगे। इस उपलब्धि पर संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा सरकारी कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।