अल्मोड़ा। वर्षा ऋतु और गर्मी के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंम ने जनपदवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है और समय पर उचित उपचार मिलने से व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करें तथा खेतों, झाड़ियों और जंगलों में जाते समय जूते या गमबूट पहनें। घर और आसपास झाड़ियां, कूड़ा-कचरा तथा लकड़ी-पत्थरों के ढेर न लगने दें। सर्पदंश होने पर घबराने के बजाय पीड़ित को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं। काटे गए स्थान पर चीरा न लगाएं और जहर चूसने का प्रयास न करें। झाड़-फूंक या किसी घरेलू उपचार में समय न गंवाएं। साथ ही सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास भी न करें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय उपचार लेने तथा आसपास के लोगों को भी सर्पदंश से बचाव और तत्काल चिकित्सा सहायता लेने के प्रति जागरूक करने की अपील की है।
सर्पदंश से बचाव के लिए सावधानी बरतें, काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें





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