अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा की ओर से ‘श्री अन्न फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक’ विषय पर तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 24 सितंबर तक संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन-न्यूट्रीसीरियल घटक योजना के तहत उप कृषि निदेशक, संभल द्वारा जनपद संभल के किसानों के लिए प्रायोजित किया गया। इसमें 30 किसान और दो विभागीय कर्मचारियों समेत कुल 32 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को मिलेट्स यानी मोटे अनाज (श्री अन्न) की उन्नत उत्पादन तकनीक, पोषण सुरक्षा में महत्व, मूल्यवर्धित उत्पाद और कटाई उपरांत प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी देना था। प्रतिभागियों को संस्थान द्वारा विकसित श्री अन्न की उच्च उपजशील प्रजातियों, उन्नत सस्य विधियों, मूल्यवर्धन और कटाई उपरांत प्रसंस्करण की जानकारी व्याख्यान एवं प्रक्षेत्र भ्रमण के माध्यम से दी गई। प्रशिक्षण के दौरान ‘मिलेट्स अनाजों की मूल्य श्रृंखला-खेत से बाजार तक’ विषय पर किसानों को उत्पादन के साथ बाजार से जुड़ाव और बेहतर मूल्य प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी गई। अंतिम सत्र में प्रतिभागी-वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याएं, अनुभव और जिज्ञासाएं वैज्ञानिकों के साथ साझा कीं। समापन अवसर पर प्रतिभागी किसानों को प्रमाण-पत्र, रबी फसलों के उन्नत बीज तथा परंपरागत पोषक अनाज फसलों के मूल्यवर्धित उत्पाद वितरित किए गए। प्रशिक्षण का समन्वयन संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा, डॉ. नवीन चंद्र गहत्यारी और डॉ. देवेंद्र शर्मा ने किया।
श्री अन्न फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक पर तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण आयोजित





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