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आईएमपीसीएल को बचाने के लिए आगे आएं पक्ष-विपक्ष

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देहरादून(आरएनएस)। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में स्थापित आईडीपीएल और एचएमटी जैसी कंपनियां बंद हो गईं। अब यूनानी दवाओं के निर्माण के क्षेत्र में काम कर रही इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन (आईएमपीसीएल) कंपनी को बंद करने की तैयारी है। केंद्र सरकार के रसायन मंत्रालय को इस दिशा में गंभीरता से सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष को भी आईएमपीसीएल को बचाने के लिए और पब्लिक सेक्टर की इकाई के रूप में आगे बढ़ती रहे, इसके लिए सहयोग करना चाहिए। शुक्रवार को आईएमपीसीएल कर्मचारी संघ और आईएमपीसीएल के कल्याण संगठन से जुड़े लोग पूर्व मुख्यमंत्री से उनके निवास पर मिले और उन्हें यथास्थिति से अवगत कराया। इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि आईएमपीसीएल यूनानी दवाओं के निर्माण के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण काम कर रही है। इनके पास आपूर्ति के लिए पर्याप्त ऑर्डर्स भी हैं। लगभग 500 लोग प्रत्यक्ष तौर पर और हजारों लोग अप्रत्यक्ष तौर पर कंपनी से रोजगार पाते हैं। यह एक पब्लिक सेक्टर कंपनी है, इसकी जमीन महत्वपूर्ण है और इस जमीन पर कुछ लोगों की गिद्ध दृष्टि लगी हुई है। वह किसी तरीके से कंपनी को विनिवेशित कर जमीन को प्राइवेट हाथों में देना चाहते हैं। इसके बाद फिर यहां होटल्स, रिजॉर्ट्स आदि बनेंगे, लेकिन उत्तराखंड से एक सौगात, जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही है, वह छिन जाएगी।