देहरादून। आईटीबीपी जीडी (जनरल ड्यूटी) की लिखित परीक्षा तो किसी और से दिलाकर पास कर ली, लेकिन जब फिजिकल में पहुंचा तो युवक अफसरों की गिरफ्त में आ गया। आईटीबीपी के अधिकारियों की शिकायत पर वसंत विहार पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने लिखित परीक्षा के लिए एक दलाल को तीन लाख रुपये दिए थे। आईटीबीपी भर्ती में चार दिन में यह दूसरा मामला पकड़ में आया है। एसओ वसंत विहार नरेश राठौर ने बताया कि सीमाद्वार स्थित आईटीबीपी सेंटर में फिजिकल परीक्षा चल रही है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद परीक्षा आयोजित की जा रही है।
शुक्रवार को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के इटावा निवासी बलराम पहुंचा तो उसकी बायोमीट्रिक जांच की गई, लेकिन बॉयोमीट्रिक में जो अंगूठे का निशान पहले था, वह बलराम के अंगूठे के निशान मेल नहीं हो सके। इस पर जब संदेह हुआ तो अधिकारियों ने फोटो का मिलान करना चाहा, मगर फोटो भी मेल नहीं हुई।
इस पर जब बलराम से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह 12वीं पास है। लिखित परीक्षा के लिए उसने बागपत के एक दलाल से संपर्क किया था। उसने तीन लाख रुपये लिए और लिखित परीक्षा में दूसरे युवक को बैठा दिया। परीक्षा पास हो गई और फिजिकल के लिए वह खुद यहां पहुंच गया। एसओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बागपत के दलाल भी जांच के दायरे में
एसओ ने बताया कि बलराम ने अजय राणा निवासी दहा, बागपत का नाम बताया है। अजय से बलराम के चाचा ने संपर्क किया था। राणा ने उससे तीन लाख रुपये लिए। पहले मामले में भी बागपत के ही एक दलाल का नाम सामने आया था। इस मामले में पुलिस बागपत के अजय राणा की जांच भी कर रही है।





