अल्मोड़ा। जनपद में टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ‘टीबी मुक्त पंचायत एवं वार्ड’ के संबंध में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। नोडल अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, वार्ड सदस्यों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। जिले के कुल 11 विकासखंडों में से 8 विकासखंडों में प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को टीबी के लक्षण, जांच एवं उपचार, मरीजों की पहचान, समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने, दवा की नियमितता और टीबी से बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही टीबी को लेकर समुदाय में फैली भ्रांतियों को दूर करने और मरीजों के प्रति सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर जोर दिया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रांशु डेनियल ने बताया कि टीबी की पहचान होने पर मरीज का समय पर उपचार शुरू कराना और उपचार की पूरी अवधि तक दवा नियमित रूप से लेना आवश्यक है। पंचायत एवं वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच के लिए प्रेरित करने और उपचाररत मरीजों को सहयोग देने में महत्वपूर्ण है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत ने जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में टीबी मुक्त पंचायत एवं वार्ड बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने लोगों को टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के लिए प्रेरित करने को कहा। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को टीबी उन्मूलन के लिए सामुदायिक स्तर पर सक्रिय सहयोग और जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
टीबी मुक्त पंचायत एवं वार्ड बनाने के लिए 8 विकासखंडों में प्रशिक्षण पूरा









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