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इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट रिसर्च प्रोग्राम आईईआरपी के अंतर्गत मधुमक्खी पालन की उपयोगिता पर दी जानकारी

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अल्मोड़ा। गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल के सहयोग से पीपल्स एक्शन एंड रूरल डेवलपमेंट इन हिमालय एरिया, स्पर्धा संस्था द्वारा ग्राम चितई पन्त व ग्राम चितई तिवारी में इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट रिसर्च प्रोग्राम आईईआरपी के अंतर्गत संचालित आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं द्वारा मधुमक्खी पालन की सतत आजीविका विकास कार्यक्रम के तहत वार्षिक बैठक की गई। बैठक में प्रत्येक महिला लाभार्थी ने परियोजना संबंधी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्पर्धा संस्था के संस्थापक व प्रमुख दीप चंद्र बिष्ट ने परियोजना की गतिविधियों की जानकारी देने के साथ-साथ मधुमक्खी पालन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन संभावनाओं से भरपूर गतिविधि है। मधुमक्खी पालन आजीविका का एक प्रमुख स्रोत हो सकता है। स्पर्धा संस्था में इन-प्लांट ट्रेनी के तौर पर कार्यरत जीबी पंत विवि पंतनगर की कम्युनिटी साइंस फाइनल वर्ष की छात्रा दियाश्री ने भी प्रतिभागियों और लाभार्थियों को पोषण व डाइट प्लान के बारे में बताया तथा संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने स्थानीय उत्पादों जैसे मड़ुआ, लोबिया, भट्ट, चौलाई, गहत आदि श्रीअन्न (खाद्यान्न) तथा शहद की पौष्टिकता पर प्रकाश डाला। इन फसलों तथा शहद का उत्पादन बढ़ाने की अपील की। बैठक में महिलाहाट संस्था के राजेंद्र कांडपाल व ग्राम प्रधान कमला रावत ने भी विचार व्यक्त किए। बैठक का संचालन स्पर्धा संस्था के समन्वयक कैलाश रौतेला ने किया।