अल्मोड़ा। भैंसियाछाना विकासखंड के नगरखान स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को संपन्न हो गया। कार्यक्रम में 40 से अधिक महिलाओं, स्वयं सहायता समूह की सदस्यों, छात्राओं और ग्रामीणों ने भाग लिया। सामाजिक विकास एवं प्रबंधन समिति, गोलना कराड़िया द्वारा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को शहद एवं मशरूम आधारित मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने, उद्यमिता विकास, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन व्यवसाय, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन की तकनीक, उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की जानकारी दी। साथ ही महिलाओं को स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाने के तरीके भी बताए गए। साइबर ठगी से बचाव और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के संबंध में भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर महिलाएं कम लागत में स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में उद्यमशीलता विकसित करना, उनकी आय बढ़ाना और उन्हें सतत आजीविका से जोड़ना है। समापन अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज नगरखान के प्रधानाचार्य मनीष जोशी ने महिलाओं से डिजिटल तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने का आह्वान किया। स्थानीय समन्वयक ब्रह्मानंद डालाकोटी ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
उद्यमिता और डिजिटल मार्केटिंग पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन





