अल्मोड़ा। उत्तराखंड लोक वाहिनी की बैठक में प्रदेश सरकार की शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए इन्हें जनविरोधी बताया गया। बैठक में आगामी 22 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘शमशेर स्मृति समारोह’ की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। इस वर्ष समारोह में ‘अनियंत्रित विकास से घायल हिमालय’ विषय पर पीसफुल सोसाइटी, गोवा के गांधीवादी चिंतक कुमार कलानंद मणि व्याख्यान देंगे। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष राजीव लोचन साह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन जैन-जी के आंदोलन का समर्थन करता है और सरकार को भ्रामक बयानबाजी के बजाय मूल समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में आरोप लगाया गया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े पुराने जिला अस्पतालों को स्थानांतरित करने तथा स्कूलों को क्लस्टर स्कूलों में समायोजित करने की नीतियां पहाड़ के लोगों को पलायन के लिए मजबूर करेंगी। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड लोक वाहिनी ऐसी नीतियों का विरोध करती है और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। बैठक में नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा में भारतीय पर्यटकों समेत जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इस घटना से सबक लेते हुए भारत को भी आपदा प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष राजीव लोचन साह, जगत रौतेला, जंग बहादुर थापा, बिशन जोशी, दयाकृष्ण कांडपाल, अजेयमित्र सिंह बिष्ट, अनिशुद्दीन, रेवती बिष्ट, अजय मेहता, कुंदन सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थि
शिक्षा और स्वास्थ्य नीतियों पर उत्तराखंड लोक वाहिनी का सरकार पर हमला





