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वनाग्नि रोकथाम को लेकर चौपाल, जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर

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अल्मोड़ा। जिले में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड द्वाराहाट के सभागार में वनाग्नि चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय वनाग्नि समिति के अध्यक्ष अंशुल सिंह के निर्देशों के क्रम में आयोजित हुआ, जिसमें विकासखंड स्तरीय वनाग्नि समिति, ग्राम स्तरीय समितियों के अध्यक्षों, वन विभाग और पंचायतीराज विभाग के कार्मिकों ने भाग लिया। चौपाल में वनाग्नि के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने और प्रबंधन में जनसहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि वनाग्नि के कारण जल स्रोत सूखते हैं, जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ता है। इसके साथ ही ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन पर पड़ने वाले प्रभावों की भी जानकारी दी गई। मुख्य प्रशिक्षक गजेंद्र कुमार पाठक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वनाग्नि से होने वाले नुकसान और उसके नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने शीतलाखेत मॉडल का उल्लेख करते हुए स्थानीय स्तर पर जनसहयोग से वनाग्नि नियंत्रण में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के तहत देर शाम विकासखंड के डढोली गांव में भी चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को वनाग्नि से बचाव और रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान खंड विकास अधिकारी संतोष जेठी, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख सुनील कांडपाल, वन क्षेत्राधिकारी गोपाल दत्त जोशी समेत अन्य मौजूद रहे।

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