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जनपद के सर्वांगीण विकास जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा की प्राथमिकता

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अल्मोड़ा। जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने शुक्रवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता आयोजित कर अब तक किए गए कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 5 सितंबर 2025 को पदभार ग्रहण करने के बाद से ही उनका लक्ष्य जनपद की पंचायत परिसंपत्तियों के संरक्षण, स्वच्छता, आय वृद्धि और ग्रामीण विकास पर केंद्रित रहा है। हेमा गैड़ा ने बताया कि जिला पंचायत की परिसंपत्तियों—भवनों और भूमि—को अतिक्रमण से बचाने के लिए चारदीवारी और रख-रखाव के कार्य किए जा रहे हैं। हवालबाग, भिकियासैंण, द्वाराहाट और चौघानपाटा स्थित डाक बंगले एवं जिला पंचायत परिसरों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, जिससे पंचायत की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से मिलने वाले लाइसेंस शुल्क, कर, विभव कर और यूजर चार्ज से होने वाली आय में निरंतर वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है। स्वच्छता अभियान के तहत विभिन्न विकास खंडों के प्रमुख बाजारों—जैसे सोमेश्वर, मासी, देघाट, बग्वालीपोखर, दन्या और जागेश्वर—में स्वच्छकों की तैनाती की गई है। इन क्षेत्रों में ई-रिक्शा कूड़ा वाहन संचालित किए जा रहे हैं, जो नियमित रूप से बाजारों का कूड़ा एकत्रित कर रहे हैं। इसके अलावा 11 विकास खंडों में सप्ताहवार दो कूड़ा वाहनों के माध्यम से अपशिष्ट निस्तारण का कार्य भी चल रहा है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वजल विभाग द्वारा प्रत्येक विकास खंड में प्लास्टिक अपशिष्ट निस्तारण के लिए कॉम्पेक्टर शेड का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में हवालबाग, धौलादेवी, द्वाराहाट, भिकियासैंण, स्याल्दे, लमगड़ा, ताड़ीखेत और भैसियाछाना विकास खंडों में कॉम्पेक्टर मशीनें संचालित हैं। अब तक 8.5 टन प्लास्टिक अपशिष्ट को वेल्स तैयार कर रिसाइकिलिंग हेतु उधम सिंह नगर भेजा जा चुका है। अध्यक्ष ने कहा कि पोखरखाली स्थित जिला पंचायत भूमि पर बारातघर का निर्माण कर पंचायत की आय में वृद्धि की जा रही है। साथ ही पंचायत की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए उपविधियों और उपनियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है, जिससे व्यावसायिक भवनों के नक्शे स्वीकृत करने जैसी प्रक्रियाएं व्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास के लिए राज्य वित्त आयोग और 15वीं वित्त आयोग से प्राप्त अनुदानों का उपयोग संपर्क मार्ग, पुलिया, जल संरक्षण, खेल मैदान, पेयजल योजना, शौचालय, जनमिलन केंद्र और सौर ऊर्जा जैसी परियोजनाओं पर किया जा रहा है। साथ ही आपदा राहत, विधायक निधि और सांसद निधि से मिलने वाले अनुदानों से भी विकास कार्य संचालित हैं। हेमा गैड़ा ने कहा कि जिला पंचायत के सभी सदस्यों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समान सम्मान और विकास कार्यों में समान सहभागिता दी जाएगी। वह स्वयं सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर जनसमस्याओं को नजदीक से समझने और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहेंगी। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग और पारदर्शी कार्यप्रणाली के माध्यम से जिला पंचायत अल्मोड़ा को आदर्श पंचायत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यहाँ पत्रकार वार्ता में जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, गोपाल गैड़ा आदि मौजूद रहे।

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