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वनाग्नि रोकथाम को लेकर प्रशासन सतर्क, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

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अल्मोड़ा। जनपद में बढ़ती गर्मी के बीच वनाग्नि की आशंका को देखते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि तापमान में लगातार वृद्धि के कारण वनाग्नि की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में सभी संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने उपजिलाधिकारियों, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वनाग्नि की घटनाओं में संलिप्त तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए और प्रवर्तन को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर सभी ग्राम पंचायतों में वनाग्नि रोकथाम को लेकर बैठकें आयोजित की जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा-करकट और फसलों के अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने तथा इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की सूचना मिलते ही न्यूनतम समय में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जंगलों में अधिक से अधिक फायर लाइन तैयार करने, उनकी नियमित निगरानी करने और पर्याप्त संख्या में फायर वाचरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें आमजन की सहभागिता भी जरूरी है। लोगों से अपील की गई कि वे जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।