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परशुराम देवता के मंदिरों में ग्यास पर्व पर नाटी, हारुल, तांदी की धूम

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विकासनगर(आरएनएस)। जौनसार के गडौल, डिमऊ, बोहरी गांवों में ग्यास पर्व धूमधाम से मनाया गया। प्राचीन परशुराम महाराज के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मन्नतें मांगी। बोहरी गांव स्थित प्राचीन भगवान परशुराम व मां रेणुका के मंदिर में हिमाचली नाटी, जौनसारी हारुल, तांदी और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। शुक्रवार शाम से ही गडौल, बोहरी, डिमऊ व अन्य गांवों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शनिवार सुबह विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद महाराज की पालकी को मन्दिर से बाहर निकाल स्नान कराया गया। इस दौरान पूरा मन्दिर प्रांगण देव जयकारों से गूंज उठा। लोगों ने देव पालकी को कंधा लगाकर पुण्य कमाया और मन्दिर में माथा टेक सुख समृद्धि की कामना की। मंदिरों में आयोजित भंडारे में भी सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने जाने का सिलसिला जारी रहा। रात को तीनों गांवों के मंदिरों में भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच भक्तों ने जागरण किया। कई लोगों ने भगवान परशुराम के मंदिर में रात को जागरण किया। मंदिर समिति बोहरी के अध्यक्ष अमर सिंह चौहान, मंदिर समिति गडोल के अध्यक्ष चतर सिंह राठौर ने बताया कि देव पालकी के साथ सभी देव चिह्नों को पारंपरिक देव स्नान कराया गया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने देव दर्शन किए और शाही स्नान के बाद भगवान परशुराम व मां रेणुका को विधि-विधानपूर्वक गर्भगृह में विराजमान किया गया।