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धूमधाम से मनाया सरस्वती शिशु मंदिर जीवन धाम का वार्षिकोत्सव

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अल्मोड़ा। संकुल केंद्र सरस्वती शिशु मंदिर जीवन धाम अल्मोड़ा का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। वार्षिकोत्सव में बच्चों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में पहाड़ी, मराठी और बंगाली नृत्य, भजन, भांगड़ा, हिंदी नाटक ‘पन्ना अध्याय’, अंग्रेजी नाटक, चक्र योग, झंडी योग, डंबल, अग्निचक्र, घोष प्रदर्शन और ताइक्वांडो जैसी आकर्षक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। बच्चों की आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। विद्यालय की प्रधानाचार्य पूनम जोशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की वार्षिक आख्या प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों की प्रगति के लिए मेहनत और परिश्रम आवश्यक है, लेकिन उन पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का प्रयास किया जाना चाहिए, साथ ही स्वच्छता के प्रति भी बच्चों को जागरूक करना जरूरी है। वरिष्ठ अतिथि विवेकानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मोहन चंद्र रावल ने अपने संबोधन में विद्या भारती के शैक्षिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहला शिशु मंदिर वर्ष 1952 में गोरखपुर में स्थापित हुआ था, जो आज अपने संस्कारों और शिक्षा पद्धति के कारण देश-विदेश में पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करते हैं, जो वर्तमान चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें। कार्यक्रम में विभाग प्रचारक कमल ने भी शिशु विद्या मंदिर की भूमिका और उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर राकेश लोन, मेघा रावत, पूर्व संभाग निरीक्षक प्रकाश पंत, डॉक्टर चंद्रकला वर्मा, मंगल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वंशिका जोशी, दिशा और प्रगति ने संयुक्त रूप से किया।

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